उसकी चाहत से उसकी जरूरत मै बन गई. उसकी चाहत से उसकी जरूरत मै बन गई.
तुम खास हो मेरे लिए वैसे ही जैसे कड़ी धूप में छांव होता है! तुम खास हो मेरे लिए वैसे ही जैसे कड़ी धूप में छांव होता है!
हां ज़िद है उसके साथ बात करने की। हां ज़िद है उसके साथ बात करने की।
मेरा मेहबूब चाँद मुझे खूब सताता है, रात भर बादलों में छुपता छुपाता है। मेरा मेहबूब चाँद मुझे खूब सताता है, रात भर बादलों में छुपता छुपाता है।
धड़कन गुनगुनाएं आंखों से जिगर में तीर चले। धड़कन गुनगुनाएं आंखों से जिगर में तीर चले।
कुछ भी राज़ नहीं इसमे, फिर भी तुम संभलते हो। कुछ भी राज़ नहीं इसमे, फिर भी तुम संभलते हो।